कांग्रेस के चार विधायकों ने पार्टी छोड़ी; विधानसभा चुनाव से पहले दिग्गजों ने छोड़ा साथ;

लखनऊ । उत्तर प्रदेश में करीब तीन दशक से सत्ता का वनवास झेल रही देश के सबसे बड़े राजनीतिक दलों में से एक कांग्रेस को नया कलेवर भी रास नहीं आ रहा है। उत्तर प्रदेश में अब कांग्रेस की बागडोर पार्टी की राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा के हाथ में हैं। प्रियंका गांधी वाड्रा के उत्तर प्रदेश में बिना किसी दल के गठबंधन के 403 सीट पर चुनाव लड़ने के अभियान को ही झटका लगने लगा है।
जोधपुर में एक पुलिसकर्मी ही मादक पदार्थों की तस्करी में लिप्त पाया गया;
कांग्रेस के चार विधायकों ने पार्टी छोड़ी-कांग्रेस के सात में से चार विधायकों ने पार्टी छोड़ दी है। सहारनपुर देहात से विधायक मसूद अख्तर इमरान मसूद के साथ हैं। उनका तो समाजवादी पार्टी को समर्थन है। पश्चिमी यूपी में कांग्रेस के दिग्गज नेता और जाट समुदाय का चेहरा माने जाने वाले पूर्व सांसद हरेंद्र मलिक और उनके बेटे पूर्व विधायक पंकज मलिक भी कांग्रेस छोड़कर सपा में शामिल हो गए थे। प्रियंका गांधी के करीबी रहे ललितेशपति त्रिपाठी को भी चुनाव लड़ने की हरी झंडी मिल चुकी थी।
विधानसभा चुनाव से पहले दिग्गजों ने छोड़ा साथ-प्रियंका गांधी बुंदेलखंड में जिन कांग्रेस नेताओं के दम पर पार्टी को मजबूत करने के लिए मशक्कत कर रही थीं, उन सभी नेताओं ने पार्टी छोड़ दी है। पूर्व विधायक व प्रियंका की सलाहकार समिति के सदस्य विनोद चतुर्वेदी, पूर्व विधायक गयादीन अनुरागी, महोबा के पुराने कांग्रेसी खानदान के मनोज तिवारी भी सपा में शामिल हो गए। पूर्व केंद्रीय मंत्री व बदायूं से पूर्व सांसद सलीम शेरवानी, उन्नाव की पूर्व सांसद अन्नू टंडन, मिर्जापुर के पूर्व सांसद बाल कुमार पटेल, सीतापुर की पूर्व सांसद कैसर जहां, अलीगढ़ के पूर्व सांसद विजेन्द्र सिंह, पूर्व मंत्री चौधरी लियाकत, पूर्व विधायक राम सिंह पटेल, पूर्व विधायक जासमीन अंसारी, अंकित परिहार और सोनभद्र के रमेश राही जैसे नेता कांग्रेस छोड़ चुके हैं।