उत्तर प्रदेश में बारिश और ओलावृष्टि के आसार

लखनऊ. पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता के कारण पूरे उत्तर भारत के मौसम में लगातार बदलाव आ रहे हैं. इसके असर के चलते भारत के मैदानी हिस्सों में बारिश के आसार भी बने हुए हैं. मौसम विभाग के पूर्वानुमानके अनुसार, प्रदेश के कई हिस्सों में 2 मार्च 2022 तक बारिश होने की संभावना जताई गई है. कुछ इलाकों में बूंदाबांदी तो कुछ क्षेत्रों में आसमान में बादल भी छाए रह सकते हैं. बारिश और ओलावृष्टि से किसानों की चिंताएं और बढ़ सकती हैं. गेहूं, आलू, प्याज आदि की फसलें अभी भी खेतों में लगी हुई हैं. अधिकतम और न्यूनतम तापमान में धीरे-धीरे वृद्धि दर्ज की जा रही है. मौसम विज्ञानियों ने मंगलवार को अधिकतम तापमान 27 डिग्री सेल्सियस रहने की संभावना जताई है. वहीं, न्यूनतम तापमान के भी डबल डिजिट 13 डिग्री सेल्सियस रह सकता है.
मौसम विभाग की ओर से जारी अलर्ट के अनुसार, पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश होने की संभावना है. कुछ इलाकों में तो ओलावृष्टि की भी आशंका जताई गई है. प्रदेश के मध्य और पूर्वी हिस्सों के आसमान में बादल छाए रहने और कुछ जगहों पर बूंदाबांदी होने की भी संभावना बनी हुई है. पश्चिमी विक्षोभ के असर से जनवरी महीने के अंत से लेकर अभी तक मौसम कई बार करवट बदल चुका है. प्रदेश के कई हिस्सों में तेज हवा के साथ जोरदार बारिश और ओले गिरने से खेतों में खड़ी फसल को व्यापक पैमाने पर नुकसान पहुंच चुका है. उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों में कई बाद ओलावृष्टि हो चुकी है. बता दें कि अब आम के पेड़ों में बौर भी आने लगे हैं,